Header Ads

ad728
  • Breaking News

    वो काला एक बासुँरी वाला (भक्ति गीत)

    वो काला एक बासुँरी वाला
    वो काला एक बासुँरी वाला, वो काला इक बासुँरी वाला
    सुध बिसरा गया मोरि रे,
    माखनचोर जो नंदकिशोर वो, कर गयों रे मन की चोरी रे

    कर गयों रे मन की चोरी रे सुध बिसरा गया मोरि ....
    कर गयों रे मन की चोरी रे सुध बिसरा गया मोरि ....
    वो काला इक बासुँरी वाला, सुध बिसरा गया मोरि रे.
    पनघट पे मोरि बइयाँ मरोडी ....
    मैं बोली तो मेरी मटकी फोडी.
    पइयाँ परु करु विनती मैं पर ..
    माने इक वो मोरि
    सुध बिसरा गया मोरि रे.... ,
    वो काला इक बासुँरी वाला, वो काला इक बासुँरी वाला...
    वो काला इक बासुँरी वाला, सुध बिसरा गया मोरि रे....
    छुप गयो फिर इक तान सुना के ...
    कहा गयो एक बाण चला के,
    गोकुल ढूंढ़ा, मैनें मथुरा ढूंढ़ी ..
    कोइ नगरियाँ ना छोडी रे, सुध बिसरा गया मोरि रे.... ,
    सुध बिसरा गया मोरि रे.... , वो काला इक बासुँरी वाला,
    वो काला इक बासुँरी वाला सुध बिसरा गया मोरि रे.... ,
    वो काला इक बासुँरी वाला, सुध बिसरा गया मोरि रे.... ,
    वो काला इक बासुँरी वाला ,
    वो काला इक बासुँरी वाला... माख्ननचोर जो,
    नंदकिशोर वो, कर गयों औरे मन की चोरी रे
    सुध बिसरा गया मोरि ...

    No comments

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728